अम्बाला मण्डल में गूंजा “वंदे मातरम” – राष्ट्रीय गीत के 150 वर्ष पूरे होने पर हुआ सामूहिक गायन

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अम्बाला मण्डल में गूंजा “वंदे मातरम” – राष्ट्रीय गीत के 150 वर्ष पूरे होने पर हुआ सामूहिक गायन

अम्बाला मण्डल में गूंजा “वंदे मातरम” — राष्ट्रीय गीत के 150 वर्ष पूरे होने पर हुआ सामूहिक गायन
अम्बाला मण्डल में गूंजा “वंदे मातरम”  राष्ट्रीय गीत के 150 वर्ष पूरे होने पर हुआ सामूहिक गायन

पीऊश जैन अम्बाला,(न्यूज इंडिया 7×24) 7 नवम्बर 2025
देशभर की तरह उत्तर रेलवे के अम्बाला मण्डल कार्यालय और इसके अधीन आने वाले विभिन्न रेलवे स्टेशनों पर आज राष्ट्रीय गीत “वंदे मातरम” के 150 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने सामूहिक रूप से राष्ट्रीय गीत का गायन किया।

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज प्रातः 9:30 बजे इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम, नई दिल्ली में एक वर्ष तक चलने वाले वंदे मातरम स्मरणोत्सव का औपचारिक शुभारंभ किया। इस अवसर पर माननीय प्रधानमंत्री ने स्मारक डाक टिकट और स्मृति सिक्का भी जारी किया। यह कार्यक्रम 7 नवम्बर 2025 से 7 नवम्बर 2026 तक चलेगा, जो इस कालजयी रचना के 150 वर्ष पूरे होने का राष्ट्रव्यापी उत्सव है। उद्घाटन के बाद सुबह लगभग 9:50 बजे देशभर में सार्वजनिक स्थानों पर नागरिकों द्वारा “वंदे मातरम” के पूर्ण संस्करण का सामूहिक गायन किया गया। उत्तर रेलवे, अम्बाला मण्डल के वरिष्ठ मण्डल वाणिज्य प्रबंधक नवीन कुमार, आईआरटीएस** ने बताया कि “आज का दिन पूरे देश के लिए गर्व का क्षण है। वंदे मातरम केवल एक गीत नहीं, बल्कि यह हमारी राष्ट्रीय चेतना, एकता और स्वाभिमान का प्रतीक है। अम्बाला मण्डल के सभी स्टेशन इस राष्ट्रीय आयोजन में सहभागी बने और कर्मचारियों ने बड़े उत्साह से सामूहिक गायन में भाग लिया।”
ज्ञात रहे कि बंकिमचंद्र चटर्जी ने “वंदे मातरम” की रचना अक्षय नवमी के शुभ अवसर पर 7 नवम्बर 1875 को की थी। यह गीत पहली बार साहित्यिक पत्रिका ‘बंगदर्शन’ में उनके उपन्यास आनंदमठ के एक भाग के रूप में प्रकाशित हुआ था। मातृभूमि को शक्ति, समृद्धि और दिव्यता का प्रतीक बताते हुए इस गीत ने स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान राष्ट्रप्रेम और एकता की भावना को गहराई से जगाया। इसी क्रम में उत्तर रेलवे, अम्बाला मण्डल कार्यालय में अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा सामूहिक राष्ट्रीय गीत गाया गया। साथ ही मण्डल के विभिन्न रेलवे स्टेशनों पर भी “वंदे मातरम” के पूर्ण संस्करण का सामूहिक गायन, ऑडियो एवं वीडियो माध्यम से प्रसारित किया गया।

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