अपनी जमीनों से कब्जे छुड़वाने को गंभीर हुआ वन विभाग :रेंज अफसर बलविंदर सिंह

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अपनी जमीनों से कब्जे छुड़वाने को गंभीर हुआ वन विभाग:रेंज अफसर बलविंदर सिंह
पटा फैक्ट्री को नोटिस दिया, 15 दिन में खाली करने का दिया भरोसा

नोटिस की कॉपी
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डेस्क न्यूज़ इंडिया 7×24 बठिंडा:30 नवम्बर 2025 
वन विभाग अब अपनी जमीन पर हुए कब्जों को खाली करवाने की कार्यवाही पर गंभीरता से काम कर रहा है। इसकी शुरुआत सरहिंद नहर के साथ जनता नगर में पटा फैक्ट्री से की गई है। वन विभाग के बठिंडा रेंज अफसर की ओर से पटा फैक्ट्री मालिक को फॉरेस्ट कंर्जवेशन एक्ट 1980 का उल्लंघन करने के तहत नोटिस भेजा जिसमें 3 दिन में जवाब देने की हिदायत दी। वन विभाग के सख्त रवैये को देखते हुए पटा फैक्ट्री मालिक ने आगामी 15 दिन तक जमीन खाली करने का भरोसा दिया। वन विभाग ने 15 दिन की मोहलत देते हुए इस अवधि के अंतराल में वन विभाग की जमीन पर पड़ा सामान उठाने के निर्देश दिए।

वन विभाग की जमीन पर अवैध कब्ज़ा
वन विभाग की जमीन पर अवैध कब्ज़ा

वन विभाग की ओर से 21 नवंबर को पटा फैक्ट्री संचालक मनोज कुमार को जारी नोटिस में कहा है कि तमाम लोक निर्माण विभाग की सड़कों, नहरों, खाल, कस्सी तथा रेलवे लाइनों के दोनों ओर का रकबा पंजाब सरकार की ओर से अपने नोटिफिकेशन नंबर 1122 आफ.टी. /3/1195-96 दिनांक 3 मई 1958 के जरिए सुरक्षित जंगल घोषित किया हुआ है तथा वन सुरक्षा कानून 1980 का उल्लंघन के तहत कोई भी वन रकबा अथवा इसका कोई भी भाग या हिस्सा बिना भारत सरकार की मंजूरी लिए गैर जंगलाती मकसद के लिए इस्तेमाल नहीं किया जा सकता। अगर कोई भी व्यक्ति अथवा एजेंसी इस रकबे को गैर जंगलाती काम के लिए प्रयोग करता है तो यह वन सुरक्षा एक्ट 1980 का सरासर उल्लंघन के साथ सुप्रीम कोर्ट के आदेश दि. 12-12-1996 का भी उल्लंघन है। इसके अनुसार अगर कोई भी वन रकबा भारत सरकार की पूर्व अनुमति के बगैर गैर जंगलाती काम के लिए इस्तेमाल किया जाता है तो एफसीए 1980 के अधीन कानूनी कार्यवाही करने का प्रावधान है।
क्या लिखा नोटिस में :
नोटिस में स्पष्ट किया है कि जनता नगर गली नं. 6 और 7 में बनी पटा फैक्ट्री की ओर से बीबीसी की आरडी 412-413 दाईं ओर का एरिया नाजायज तौर पर व्यवसायिक काम के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है जिससे वन विभाग को सीधे तौर पर नुकसान हो रहा है जोकि कानूनी तौर पर गलत है। इससे पहले कि आप पर कानूनी कार्यवाही की जाए, आगामी 3 दिन में बठिंडा वन रेंज दफ्तर में हाजिर होकर केस का निपटारा किया जाए। अगर निर्धारित समय अवधि में किसी तरह का जवाब पेश नहीं किया जाता तो एफसीए 1980 के अधीन कानूनी कार्यवाही की जाएगी जिसकी जिम्मेदारी फैक्ट्री संचालक की होगी। मामले के अनुसार पटा फैक्ट्री की ओर से लंबे समय से वन विभाग की लगभग दो एकड़ जमीन को अपनी व्यवसायिक गतिविधियों के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है, इस जमीन पर रॉ मैटीरियल समेत कई तरह का सामान रखा गया है और वन जमीन से लाखों की कमाई की जा रही है। हालांकि सरहिंद नहर के साथ लगती सैकड़ों एकड़ जमीन पर प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष तौर पर कब्जे कर रखे हैं, वहीं जनता नगर के लोगों ने अवैध तौर पर अपने दरवाजे निकाले गए हैं, वहीं वन विभाग की जमीन पर ही कई कॉलोनियों के रास्ते के भी निकाले गए हैं।
रेंज अफसर बलविंदर सिंह ने क्या कहा :
इस संबंध में बठिंडा रेंज अफसर बलविंदर सिंह का कहना है कि पटा फैक्ट्री संचालक को भेजे नोटिस के जवाब में उनकी ओर से अगले 15 दिन में वन विभाग की जमीन खाली करने का लिखित भरोसा दिया है। इस अवधि में जमीन खाली न होने पर वन विभाग अगली कार्य
वाही करेगा।

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