बच्चियों के खिलाफ बढ़ते अपराधों पर बने कठोर नीति : सतिंदर कुमार

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जालंधर और बठिंडा की दो दर्दनाक घटनाओं पर हिंदू नेता सतिंदर कुमार का तीखा बयान
बच्चियों के खिलाफ बढ़ते अपराधों पर कठोर नीति की मांग

बच्चियों के खिलाफ बढ़ते अपराधों पर बने कठोर नीति : सतिंदर कुमार
बच्चियों के खिलाफ बढ़ते अपराधों पर बने कठोर नीति

डेस्क न्यूज इंडिया 7×24 (बठिंडा : पंजाब)
पंजाब में हाल ही में सामने आई दो अलग-अलग घटनाओं ने प्रदेश को हिलाकर रख दिया है। जालंधर और बठिंडा दोनों जगह नाबालिग बच्चियों के साथ हुई निर्दयी वारदातों ने लोगों में आक्रोश और चिंता दोनों को बढ़ा दिया है।

जालंधर की घटना

जालंधर जिले में 13 वर्षीय मासूम बच्ची के साथ एक अमृतधारी सिख व्यक्ति द्वारा कथित दुष्कर्म की घटना सामने आई है। यह मामला पूरे क्षेत्र में गहरी नाराज़गी का कारण बना हुआ है। लोगों ने आरोपी पर कठोरतम सज़ा की मांग की है।
इस घटना पर हिंदू नेता सतिंदर कुमार ने कहा: “यह घटना अमानवीय और समाज को झकझोर देने वाली है। आरोपी पर कानून के तहत कठोरतम कार्रवाई होनी चाहिए। ऐसी घटनाएँ हमारे समाज के मूल्यों पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं, इसलिए सख्त कार्रवाई बेहद जरूरी है।”

बठिंडा की घटना
इसके साथ ही बठिंडा में एक और गंभीर मामला दर्ज हुआ है, जिसमें दो 13 वर्षीय नाबालिगों द्वारा एक 8 साल की बच्ची के साथ दुष्कर्म किए जाने की शिकायत सामने आई है।
हालाँकि आरोपी नाबालिग हैं और इन्हें कानून Juvenile Justice Act के तहत देखा जाएगा, परन्तु घटना की गंभीरता ने पूरे समाज को विचलित कर दिया है।

इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए सतिंदर कुमार ने कहा: “बठिंडा की घटना बेहद परेशान करने वाली है। यह केवल अपराध का मामला नहीं, बल्कि समाज और परिवारों द्वारा बच्चों के व्यवहार, सीख और मूल्यों पर गंभीर पुनर्विचार की आवश्यकता का संकेत है। जिस उम्र में बच्चों को मासूमियत और शिक्षा की ओर होना चाहिए, उस उम्र में ऐसे मामलों का होना बहुत चिंताजनक है।”

कठोर कार्रवाई और समाजिक जागरूकता की अपील

दोनों घटनाओं पर संयुक्त प्रतिक्रिया देते हुए सतिंदर कुमार ने आगे कहा:
“बच्चियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। चाहे आरोपी बालिग हो या नाबालिग – हर मामले में तेज़ जांच, कानूनी प्रक्रिया और पीड़ित परिवार को पूरी सहायता देना सरकार का दायित्व है। समाज, परिवार और प्रशासन – तीनों को मिलकर बच्चों में सकारात्मक संस्कार, शिक्षा और जागरूकता को मजबूत करना चाहिए।”

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