आरोपी बोला: “मैं घर में अकेला था… बच्ची को देखा तो नीयत बिगड़ गई, और जब उसने विरोध किया तो…”

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जालंधर में 13 साल की बच्ची की हत्या का दिल दहला देने वाला कबूलनामा :
आरोपी बोला: “मैं घर में अकेला था… बच्ची को देखा तो नीयत बिगड़ गई, और जब उसने विरोध किया तो…”

जालंधर में 13 साल की बच्ची की हत्या का दिल दहला देने वाला कबूलनामा
जालंधर में 13 साल की बच्ची की हत्या का दिल दहला देने वाला कबूलनामा

 

डेस्क न्यूज़ इंडिया 7×24 : जालंधर न्यूज़: 13 साल की बच्ची के मर्डर केस में आरोपी का कबूलनामा

जालंधर के पश्चिमी इलाके में 13 साल की बच्ची की हत्या के आरोपी ने पुलिस पूछताछ में अपना जुर्म कबूल कर लिया है। आरोपी हरमिंदर सिंह हैपी, जो ड्राइवर है, के खिलाफ बस्ती बावा खे़ल पुलिस स्टेशन में बच्ची की माँ और मामा के बयान के आधार पर हत्या का मामला दर्ज किया गया था, पूछताछ में आरोपी ने बताया कि जब बच्ची उसके घर आई, तो उसने उसके साथ जबरदस्ती करने की कोशिश की जब बच्ची ने इसका विरोध किया, तो उसने उसका गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी। इसके बाद वह डर गया और बच्ची की लाश को बाथरूम में छिपा दिया, पुलिस का कहना है कि शुरुआती पूछताछ में आरोपी ने सब कुछ स्वीकार कर लिया है, लेकिन उसकी मेडिकल रिपोर्ट अभी बाकी है। आरोपी का इलाज सिविल अस्पताल, जालंधर में चल रहा है। इलाज पूरा होने के बाद उसे अदालत में पेश कर रिमांड पर लेकर आगे पूछताछ की जाएगी। रिमांड के दौरान यह स्पष्ट किया जाएगा कि हत्या कैसे और कितनी देर में हुई, वह लाश के साथ क्या करने वाला था, और वह कार क्यों लेकर आया था।

आरोपी ने कबूला पूरा घटनाक्रम
“छोटी बेटी से मिलने आई थी… मैंने उसे अंदर बुला लिया”

आरोपी हैपी ने बताया कि बच्ची उसकी छोटी बेटी से खेलने के लिए अक्सर आती थी। घटना वाले दिन उसकी पत्नी और छोटी बेटी उसकी बड़ी बेटी से मिलने लुधियाना गए हुए थे। जब बच्ची आई तो उसने दरवाज़ा खोला और उसे अंदर बुला लिया।

“बच्ची को देखकर मेरी नीयत खराब हो गई”

आरोपी ने कहा कि वह घर में अकेला था। जैसे ही बच्ची अंदर आई और छोटी बेटी के बारे में पूछा, उसने बताया कि वो घर पर नहीं है। बच्ची को देख कर उसकी नीयत बिगड़ गई। जब बच्ची वहां से जाने लगी तो उसने उसे पकड़ लिया। बच्ची डर गई, भागने लगी और चीखने लगी। आरोपी ने कहा कि बदनामी के डर से उसने उसका मुंह दबा दिया।

“मुझे कुछ नहीं सूझा… और मैंने उसका गला घोंट दिया”

आरोपी ने स्वीकार किया कि उसे कुछ समझ नहीं आ रहा था। वह किसी भी हालत में बच्ची को बाहर जाने नहीं देना चाहता था। उसने बच्ची की गर्दन इतनी जोर से दबाई कि उसकी मौत हो गई। फिर उसने घबराकर लाश को बाथरूम में छिपा दिया। बाद में वह कार लाया ताकि मौका मिलते ही लाश को कहीं फेंक सके, लेकिन तभी उसने बाहर हंगामा सुना और डर गया।

परिवार का जिक्र

आरोपी ने बताया कि उसकी बड़ी बेटी अपने मामा के घर रहती है और छोटी बेटी उसके साथ। मृतक बच्ची उसकी छोटी बेटी से भी छोटी थी और अक्सर खेलने आती थी। आमतौर पर वह अपनी माँ के साथ आती थी, लेकिन घटना वाले दिन वह अकेली आ गई। इसी वजह से उसकी नीयत खराब हो गई क्योंकि उस समय घर में न उसकी पत्नी थी और न ही बेटी।

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