3.7 करोड़ की जमीन गड़बड़ी पर एक्शन: पंजाब सरकार ने मोगा की लेडी अफसर चारुमिता को निलंबित किया
3.7 करोड़ की जमीन गड़बड़ी पर एक्शन: पंजाब सरकार ने मोगा की लेडी अफसर चारुमिता को निलंबित किया

न्यूज़ इंडिया डेस्क 7 नवम्बर 2025 (चंडीगढ़)
पंजाब सरकार ने मोगा की एडिशनल डिप्टी कमिश्नर (ADC) और नगर निगम कमिश्नर चारुमिता को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। इस संबंध में मुख्य सचिव के.ए.पी. सिन्हा ने गुरुवार को आदेश जारी किए हैं। आदेश में कहा गया है कि चारुमिता का मुख्यालय अब चंडीगढ़ रहेगा और वह बिना अनुमति वहां से बाहर नहीं जा सकेंगी। जानकारी के अनुसार, धर्मकोट से बहादुरवाला तक बनने वाले नेशनल हाईवे के लिए अधिग्रहित जमीन के मुआवजे में करीब ₹3.7 करोड़ की अनियमितता सामने आई थी। इस मामले में विजिलेंस ब्यूरो ने चारुमिता के खिलाफ चार्जशीट तैयार की थी। जांच में पाया गया कि जिन किसानों की जमीन पहले ही अधिग्रहित हो चुकी थी, उन्हें दोबारा मुआवजा दे दिया गया। एक किसान को जब मुआवजा नहीं मिला और उसने अदालत का रुख किया, तब यह पूरा मामला उजागर हुआ।
क्या है चारुमिता पर आरोप
मामला तब का है जब चारुमिता 2019 में मोगा में एसडीएम के पद पर तैनात थीं। आरोप है कि उन्होंने उस भूमि के लिए मुआवजा स्वीकृत किया, जिसे वर्ष 1963 में ही लोक निर्माण विभाग (PWD) ने सड़क निर्माण के लिए अधिग्रहित कर लिया था। जांच रिपोर्टों के मुताबिक, यह भूमि 50 साल से अधिक समय से सरकारी उपयोग में थी और पहले ही NHAI को सौंपी जा चुकी थी। फिर भी इसे दोबारा अधिग्रहण दिखाकर ₹3.7 करोड़ रुपए का भुगतान जारी किया गया।
जांच के बाद खुलासा
जांच के दौरान 1963 के अधिग्रहण से संबंधित दस्तावेज उपलब्ध नहीं मिले। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने फिरोजपुर के डिप्टी कमिश्नर को जांच अधिकारी नियुक्त किया, जिन्होंने रिपोर्ट में कहा कि प्रक्रिया में गंभीर गड़बड़ियां हुई हैं। PWD के तत्कालीन प्रधान सचिव रवि भगत ने भी अपनी टिप्पणी में लिखा कि यह भूमि पहले से ही सरकारी थी और बाद में रिकॉर्ड में हेरफेर कर इसे निजी दिखाया गया। इसके बाद विभाग ने पूरी रिपोर्ट विजिलेंस ब्यूरो को सौंप दी, जिसके आधार पर अब कार्रवाई की गई है हालांकि, अधिकारी चारुमिता का इस पर कहना था कि उनकी इसमें कोई भूमिका नहीं है और वे निर्दोष हैं।
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